जन्माष्टमी की आप सबको ढेरो शुभकामनाये...सभी जगह खूब धूम धाम से जन्माष्टमी मनाई गयी| यहाँ मुंबई में भी जन्माष्टमी की खूब धूम रही| सबसे पहले मैंने अपने स्कूल में फिर घर में और फिर अपनी सोसाइटी में जन्माष्टमी मनाई| हम सब बच्चो को राधा और कृष्ण बन कर स्कूल जाना था| मेरी टीचर ने हम सबके पापा को स्कूल बुलाया फिर सबसे गेम्स खेलवाए और मटकी फुड्वाई| बहुत मज़ा आया :)
फिर मैंने अपने घर पर कृष्ण जी का B'day मनाया| उसकी भी तश्वीरे है...मैंने मटकी भी बांधी थी कान्हा के लिए| ममा कहती है मेरा भी जन्म जन्माष्टमी के ही दिन हुआ था :)
हमारी सोसाइटी में बहुत ऊँची मटकी बांधी गयी| सारे दिन कई गोविन्दो की टोलियाँ आई, सब एक के उपर एक चढ़ कर बहुत ऊँचे ऊँचे पिरामिड बनाये, लेकिन कोई भी मटकी नहीं फ़ोड़ पाया| फिर जब रात होने लगी और मटकी नहीं फूटी तो उसे थोडा नीचे किया गया और फिर एक टोली ने मटकी फोड़ी हम सब ने खूब ताली बजायी और खूब डांस किया....





