हम है नन्हे मुन्ने बच्चे गलतियाँ बहुत ही करते है,
दिल न टूटे कभी किसी का इसी बात से डरते है |
कभी किसी हमारी गलती से दिल जो आपका हो दुखा,
हाथ जोड़ हम उस गलती की क्षमा याचना करते है ||
हाथ जोड़ हम उस गलती की क्षमा याचना करते है ||
आज हमारे महा पर्व 'पर्युषण पर्व' का समापन हो गया | यही एक मात्र ऐसा पर्व है जो सभी प्रकार के आमोद-प्रमोद से रहित अपने आत्मकल्याण के लिए मनाया जाता है | और आज का दिन हम क्षमावाणी- दिवस के रूप में मानते है | विगत वर्ष में जाने अनजाने में किये उन सभी भूलो के लिए मै क्षमाप्रार्थी हूँ जिनसे आपको कभी चोट पहुंची हो |
* क्षमाभाव *