Sep 23, 2010

उत्तम क्षमा

हम है नन्हे मुन्ने बच्चे गलतियाँ बहुत ही करते है, 
दिल न टूटे कभी किसी का इसी बात से डरते है |
      कभी किसी हमारी गलती से दिल जो आपका हो दुखा,
हाथ जोड़ हम उस गलती की क्षमा याचना करते है ||


आज हमारे महा पर्व 'पर्युषण पर्व' का समापन हो गया | यही एक मात्र ऐसा पर्व है जो सभी प्रकार के आमोद-प्रमोद से रहित अपने आत्मकल्याण के लिए मनाया जाता है | और आज का दिन हम क्षमावाणी- दिवस के रूप में मानते है | विगत वर्ष में जाने अनजाने में किये उन सभी भूलो के लिए मै क्षमाप्रार्थी हूँ जिनसे आपको कभी चोट पहुंची हो |   
* क्षमाभाव *


13 comments:

Babli said...

आपने ऐसा कोई गलत काम नहीं किया जिसके कारण आप क्षमा मांगे! आप तो बहुत ही प्यारी बच्ची है ! भगवान आपको दुनिया की सारी खुशियाँ दे!

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

बहुत अच्छा पर्व है ....बचपन से ही गलतियों पर क्षमा माँगना सिखाता है ...शुभकामनायें

माधव said...

बहुत अच्छी बात ,बहुत अच्छा पर्व है यह , सभी को ये पर्व मनाना चाहिए , मेरी ओर से भी क्षमा प्राथना

मेरी सुभकामनाए

abhi said...

अरे इशिता तुम तो इतनी स्वीट हो..तुम्हे क्षमा मांगने की क्या जरुरत..बच्चों को क्षमा नहीं मांगनी चाहिए..चलो वैसे अगर ये रिवाज़ है तो फिर कोई बात नहीं.
अच्छा रिवाज़ है. :-)

रंजन said...

क्षमा बडन को चाहिए.. छोटन को उत्पात..

तुम बड़ी हो गई हो आज.. :)


प्यार..

rashmi ravija said...

पर्युषण पर्व के बारे में तो बहुत सुना है...किन्तु इसका अंतिम क्षमा दिवस के बारे में मनाया जाता है..ये जानकारी नहीं थी....और इशिता ये चुप वाली फोटो अच्छी नहीं लग रही...जल्दी से एक मुस्कुराती हुई फोटो डालो,अपनी

रावेंद्रकुमार रवि said...

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मुझे तो नहीं लगता कि
नन्ही परी भी किसी का दिल दुखा सकती है!

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ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ said...

क्षमा मनुष्य का गहना है।
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प्यार का तावीज..
सर्प दंश से कैसे बचा जा सकता है?

सुनीता शानू said...

प्यारी सी नन्ही से इशिता कभी गलती कर ही नही सकती। कुछ करेगी भी तो हम उसे नटखट कह देंगें। बहुत सुन्दर तस्वीर पोस्ट की है शुभम आपने।

Akshita (Pakhi) said...

...So Cute !!

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

रचना बहुत ही सुन्दर है!
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तुम्हे शुभाशीष!
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आपकी पोस्ट की चर्चा "बाल चर्चा मंच"
पत्रिका पर भी है!
http://mayankkhatima.blogspot.com/2010/09/19.html

चैतन्य शर्मा said...

han... hame aisi baaten seekhni chahiye..... kitni achhi baat ki aapne....

रानीविशाल said...

क्षमा ही इंसान को महान बनाती है ...अहंकार का नाश करती है .
आपकी बातें बहुत अच्छी लगती है शिक्षादायी भी है .....शुभकामनाए !
नन्ही ब्लॉगर
अनुष्का